नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के प्रसिद्ध न्यूरॉन अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर ईश्वरचंद्र चांदेवार का उनके कक्ष में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में कमरे से कुछ इंजेक्शन मिलने के बाद ओवरडोज की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
42 वर्षीय डॉ. ईश्वरचंद्र चांदेवार आयुर्वेदिक चिकित्सक थे और न्यूरॉन अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। सोमवार सुबह उन्होंने अस्पताल में अपनी नियमित ड्यूटी पूरी की और इसके बाद अपने कक्ष में आराम करने चले गए। काफी देर तक बाहर न आने और किसी भी आवाज का जवाब न देने पर सहकर्मियों को संदेह हुआ। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की मौजूदगी में कक्ष का दरवाजा खोला गया, जहां डॉ. चांदेवार बेहोशी की हालत में मिले। जांच करने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस आत्महत्या, इंजेक्शन ओवरडोज, स्वास्थ्य संबंधी समस्या या अन्य किसी कारण से हुई मौत के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात उन्हें अस्वस्थ महसूस होने पर उन्होंने अपनी चिकित्सकीय जांच भी कराई थी। उनके कमरे में ही शव मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस परिजनों और अस्पताल कर्मियों से पूछताछ कर रही है। इस घटना से चिकित्सा जगत में शोक और चिंता का माहौल है।