नागपुर न्यूज डेस्क: केंद्र सरकार ने बुधवार को नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उन्नयन को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत मंजूरी दे दी है। इस फैसले से एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और विस्तार की प्रक्रिया को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की जमीन, जो एमआईएचएएन इंडिया लिमिटेड (MIL) को आवंटित थी, उसकी लीज अवधि को 6 अगस्त 2039 के बाद भी बढ़ाने की मंजूरी दी है। इससे MIL को एयरपोर्ट को GMR नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (GNIAL) को संचालन के लिए लाइसेंस देने का रास्ता साफ हो गया है।
सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना नागपुर एयरपोर्ट के लिए विकास और बुनियादी ढांचे के नए युग की शुरुआत करेगी। सरकार का मानना है कि निजी क्षेत्र की दक्षता और सरकारी निगरानी के साथ एयरपोर्ट की सेवाओं में बड़ा सुधार होगा।
इस परियोजना की शुरुआत 2009 में AAI और महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (MADC) के संयुक्त उपक्रम MIL से हुई थी। बाद में 2016 में PPP मॉडल के तहत GMR को चुना गया और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 2024 में GNIAL के साथ समझौता हुआ। अब इस फैसले से एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है।