नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के धारमपेठ इलाके में एक युवा इंजीनियरिंग छात्र की कथित तौर पर दो नाबालिगों द्वारा की गई निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। यह इलाका शहर के प्रतिष्ठित क्षेत्रों में माना जाता है, ऐसे में इस घटना ने लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों आरोपी नाबालिग शिक्षित परिवारों से आते हैं—एक के पिता शिक्षक हैं, जबकि दूसरे के पिता सिविल इंजीनियर बताए जा रहे हैं।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नागपुर में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराधों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में नाबालिगों से जुड़े 254 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 283 हो गए। यह लगभग 11.4% की बढ़ोतरी को दर्शाता है और एक चिंताजनक प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है।
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, नागपुर देश के उन शहरों में भी शामिल है जहां नाबालिगों पर बलात्कार के मामलों में आरोप दर्ज होने की संख्या सबसे अधिक है। 2022 से 2024 के बीच लगातार मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि किशोरों में हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है और समाज में गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बढ़ती प्रवृत्ति के पीछे कई कारण हैं—जैसे परिवारिक टूटन, नशे की लत, सोशल मीडिया का गलत प्रभाव और अभिभावकों की निगरानी में कमी। मनोचिकित्सक कणक गिलुरकर के अनुसार, कई मामलों में भावनात्मक उपेक्षा और पारिवारिक तनाव भी बच्चों को हिंसक व्यवहार की ओर धकेलते हैं, जिससे वे गलत रास्ता अपना लेते हैं।