नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में लिम्फैटिक फाइलेरिया के कुल सक्रिय मामलों में से करीब 75 फीसदी अकेले नागपुर डिवीजन से सामने आ रहे हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग के जनवरी से दिसंबर 2025 तक के जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, चंद्रपुर जिला इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है। चंद्रपुर में 9,180 फाइलेरिया के मामले दर्ज किए गए हैं, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रपुर में 1,457 मरीज हाइड्रोसील से पीड़ित हैं, जो इस बीमारी का एक गंभीर और लंबे समय तक रहने वाला रूप है। इसके अलावा नागपुर जिले में 4,137 मामले सामने आए हैं। गढ़चिरौली में 3,010 और भंडारा में 2,752 मरीज दर्ज किए गए हैं। वर्धा में 1,914 जबकि गोंदिया में 671 फाइलेरिया के मामले रिपोर्ट किए गए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये सभी मरीज अब संक्रमण फैलाने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि वे बीमारी के ट्रांसमिशन स्टेज को पार कर चुके हैं। ये अधिकतर पुराने और क्रॉनिक केस हैं, जिनमें लिम्फेडेमा या एलिफेंटियासिस जैसी समस्या देखी जाती है। इसमें लिम्फ सिस्टम को नुकसान पहुंचने के कारण पैरों में अत्यधिक सूजन आ जाती है।
एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि ये आंकड़े बीमारी के बोझ को दर्शाते हैं, लेकिन नए संक्रमण का खतरा नहीं बताते। विभाग की प्राथमिकता अब भी सामूहिक दवा वितरण (Mass Drug Administration) के जरिए नए मामलों को रोकने पर है, ताकि पूर्वी महाराष्ट्र में फाइलेरिया का फैलाव पूरी तरह रोका जा सके।