नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र का नागपुर जिला बीते एक दशक में रूफटॉप सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से उभरकर राज्य का सबसे बड़ा सोलर हब बन गया है। वर्ष 2016-17 में जहां जिले में केवल 236 रूफटॉप सोलर उपभोक्ता थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर करीब 1.20 लाख पहुंच गई है। इस दौरान उपभोक्ताओं की संख्या में 50 हजार प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) के आंकड़ों के अनुसार, जिले में स्थापित रूफटॉप सोलर क्षमता भी 23.17 मेगावाट से बढ़कर 726.22 मेगावाट हो गई है। यह वृद्धि 3,000 प्रतिशत से अधिक है। वर्तमान क्षमता इतनी है कि दिन के समय लाखों घरों की बिजली जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी 2024 में शुरू हुई प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना ने इस वृद्धि को नई गति दी है। इस योजना के तहत 1 किलोवाट, 2 किलोवाट और 3 किलोवाट के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर क्रमशः 30 हजार, 60 हजार और 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सोलर सिस्टम लगवाना अधिक किफायती हो गया है।
आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023-24 के बाद से ही नागपुर में सोलर उपभोक्ताओं की संख्या में तेज उछाल आया है। वर्तमान में नागपुर शहर में 1.01 लाख से अधिक उपभोक्ता और 560.73 मेगावाट सोलर क्षमता दर्ज की गई है, जबकि नागपुर ग्रामीण क्षेत्र में 18,519 उपभोक्ताओं के साथ 165.49 मेगावाट क्षमता स्थापित है। इससे साफ है कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान और उद्योग भी बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा को अपना रहे हैं।