नागपुर न्यूज डेस्क: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को नागपुर स्थित ऑर्डनेंस फैक्ट्री अंबाझरी में 10,000 टन क्षमता वाले अत्याधुनिक एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न प्रेस परियोजना का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे। यान्त्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल) की इस परियोजना को रक्षा, एयरोस्पेस, मिसाइल और रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जो राष्ट्र अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा करने में सक्षम होता है, वही अपने हितों की रक्षा के लिए सबसे अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने बताया कि नई सुविधा से रक्षा प्रणालियों, लड़ाकू विमानों, मिसाइल कार्यक्रमों, रेलवे और परिवहन क्षेत्र के लिए बड़े और जटिल एल्युमिनियम मिश्र धातु प्रोफाइल का स्वदेशी निर्माण संभव होगा। इससे महत्वपूर्ण आयातों पर निर्भरता घटेगी और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक युद्ध और अंतरिक्ष कार्यक्रमों में हल्की लेकिन मजबूत धातुओं की जरूरत होती है, जिन्हें विशेष तकनीक से तैयार किया जाता है। उन्होंने इसे आयात पर निर्भरता से स्वदेशी उत्पादन की ओर भारत की सोच में बदलाव का प्रतीक बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में स्वदेशी रक्षा उपकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए देश में रक्षा हार्डवेयर के निर्माण को और बढ़ाने की जरूरत है।
राजनाथ सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में देश का रक्षा उत्पादन 46 हजार करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ रुपये से भी कम से बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन और 50 हजार करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात के लक्ष्य को तय समय से पहले हासिल कर लेगा।