नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के बेसा स्थित सावित्रीबाई फुले गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर की मांग की थी। छात्राओं ने अपनी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, शिकायत के बाद एमबीए प्रथम वर्ष की छात्रा आकांक्षा उके को हॉस्टल खाली करने का नोटिस थमा दिया गया था।
हॉस्टल में करीब 250 छात्राएं रहती हैं। छात्राओं का कहना था कि तेज गर्मी के बावजूद उन्हें कूलर जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिल रही थी। जब उन्होंने हॉस्टल प्रशासन से मांग की तो साफ मना कर दिया गया। इसके बाद 82 छात्राओं ने मिलकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने सभी छात्रावासों में कूलर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
इसी बीच आकांक्षा उके पर कार्रवाई करते हुए उसे हॉस्टल छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया गया। साथ ही उस पर नौकरी करने का आरोप लगाकर 22 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना भरने को कहा गया। जबकि आकांक्षा का कहना है कि वह नौकरी नहीं बल्कि अपने एमबीए कोर्स के तहत ट्रेनिंग कर रही है। इस कार्रवाई को लेकर छात्राओं और लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने हस्तक्षेप किया और आकांक्षा उके से फोन पर बात कर उसे भरोसा दिलाया कि उसे हॉस्टल छोड़ने की जरूरत नहीं है। मंत्री ने यह भी कहा कि मामले की जांच कर संबंधित अधिकारियों और वार्डन के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद छात्रा को राहत मिली और हॉस्टल छोड़ने का नोटिस वापस ले लिया गया।