नागपुर न्यूज डेस्क: केंद्र और राज्य सरकार की ओर से एक तरफ जहां यह दावा किया जा रहा है कि गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और नागरिकों को सुचारू आपूर्ति की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। नागपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में घरेलू गैस सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों के सामने लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इसी बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह जिले नागपुर के बेसा-पिपला इलाके में घरेलू गैस चोरी कर उसे व्यावसायिक सिलेंडरों में भरने और कालाबाजारी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
नागपुर के वाडी और अन्य उपनगरीय क्षेत्रों में आज भी गैस एजेंसियों के गोदामों के बाहर नागरिकों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। पेट्रोलियम कंपनियों और स्थानीय प्रशासन का दावा है कि आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एजेंसियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई भी की जा रही है। इसके बावजूद, नागपुर में गैस की कालाबाजारी करने वाला गिरोह सक्रिय है। शहर के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके आधार पर विभाग ने बेसा-पिपला क्षेत्र में एक गुप्त ऑपरेशन चलाया।
गुरुवार सुबह जब आपूर्ति विभाग की टीम ने छापेमारी की, तो भारत गैस कंपनी के घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर उसे बड़े व्यावसायिक सिलेंडरों में भरा जा रहा था। टीम ने इस गिरोह को रंगेहाथ पकड़ा। चूंकि यह क्षेत्र नागपुर ग्रामीण के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए बाद में यह पूरा मामला नागपुर ग्रामीण आपूर्ति विभाग को सौंप दिया गया। जांच में पता चला कि व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी का फायदा उठाकर यह गिरोह घरेलू गैस की चोरी करता था और ऊंचे दामों पर व्यावसायिक उपयोग के लिए बेचता था।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इस मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया है। मौके से भारी मात्रा में घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर भी जब्त किए गए हैं। हालांकि, विभाग अब इस गिरोह के मुख्य सूत्रधार की तलाश कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इस खेल के पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है, जिसका पर्दाफाश होना अभी बाकी है। इस कार्रवाई से गैस एजेंसियों के कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।